मध्यप्रदेश सरकार के वन विभाग ने निजी स्वामित्व वाले कुछ पेड़ों के परिवहन को लेकर महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब कुछ चयनित प्रजातियों के पेड़ों को निजी भूमि से परिवहन करने के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) की आवश्यकता नहीं होगी।
वन विभाग द्वारा 10 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 42 तथा धारा 76 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया गया है। इसके तहत मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम, 2022 के नियम 3 के खंड (ख) के तहत छूट प्रदान की गई है।
अधिसूचना के अनुसार जिन प्रजातियों की उपलब्धता अधिसूचित वन क्षेत्र में नगण्य है और यदि वे निजी व्यक्तियों की भूमि पर उगाई गई हैं, तो उनके परिवहन के लिए अब अनुमति पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार द्वारा जिन पेड़ों को इस छूट के दायरे में शामिल किया गया है, उनमें नीलगिरी (यूकेलिप्टस), कैसूरिना, पॉपलर, सुबबूल तथा विलायती बबूल शामिल हैं।
वन विभाग का मानना है कि इस निर्णय से किसानों और निजी भूमि मालिकों को राहत मिलेगी तथा इन प्रजातियों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

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