निवाड़ी चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के आरोप, ट्रांसपोर्टरों में भारी रोष
निवाड़ी जिले के निवाड़ी क्षेत्र में संचालित परिवहन विभाग की चेकपोस्ट एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों का आरोप है कि यहां नियमों की आड़ में खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है। लगातार सामने आ रही शिकायतों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।वाहन चालकों का कहना है कि चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों द्वारा गाड़ियों को रोककर दस्तावेजों में छोटी-मोटी कमियां बताकर चालान की धमकी दी जाती है और फिर मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। कई ड्राइवरों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, वहीं विरोध करने पर मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि चेकपोस्ट प्रभारी लाखन सिंह के संरक्षण में यह पूरा खेल संचालित हो रहा है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि एक महिला आरक्षक के माध्यम से वाहन चालकों से कथित रूप से अवैध वसूली करवाई जा रही है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे न केवल वाहन चालकों में भय का माहौल है बल्कि सरकार और परिवहन विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि रात के समय भारी वाहनों को रोककर घंटों खड़ा रखा जाता है, जिससे समय पर माल की डिलीवरी प्रभावित होती है। इससे व्यापारियों और वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई ड्राइवरों का कहना है कि यदि कोई चालक पैसे देने से मना करता है तो उसे बेवजह परेशान किया जाता है।
इधर मामले को लेकर ट्रांसपोर्ट संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि निवाड़ी चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, वाहन चालकों से की जा रही कथित अवैध वसूली पर रोक लगे और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि परिवहन व्यवस्था पारदर्शी बन सके।

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