प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पत्रकारों को सलाह: प्रदर्शन और भीड़ की कवरेज में सुरक्षा व निष्पक्षता का रखें ध्यान
नई दिल्ली। विरोध-प्रदर्शन, भीड़ और तनावपूर्ण हालात की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा और जिम्मेदार पत्रकारिता को लेकर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। इनमें पत्रकारों को निष्पक्ष रिपोर्टिंग, तथ्यों की पुष्टि और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, पत्रकारों को किसी भी घटना की रिपोर्टिंग करते समय सत्यापित तथ्यों और आरोपों के बीच स्पष्ट अंतर रखना चाहिए। प्रदर्शनकारियों, आयोजकों, पुलिस और सरकारी अधिकारियों के बयानों की समान रूप से जांच की जानी चाहिए तथा दावों की पुष्टि के लिए अन्य स्रोतों से जानकारी जुटानी चाहिए।
भीड़ में सुरक्षा सर्वोपरि
रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को आसपास के हालात पर लगातार नजर रखने, सुरक्षित निकास मार्ग पहचानने और भीड़ के व्यवहार में बदलाव को समझने की सलाह दी गई है। आंसू गैस या धुएं जैसी स्थिति में सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलने की योजना पहले से तैयार रखनी चाहिए। प्राथमिक उपचार किट, पानी, टॉर्च और जरूरी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण साथ रखने पर भी जोर दिया गया है।
दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पत्रकार पुलिस के बैरिकेड, वाहनों या अन्य उपकरणों पर कैमरा अथवा रिकॉर्डिंग उपकरण इस तरह न लगाएं, जिससे आवाजाही बाधित हो या संपत्ति को नुकसान पहुंचे। आंसू गैस के गोले, फ्लैश-बैंग उपकरण या स्मोक ग्रेनेड को छूने अथवा उठाने से बचना चाहिए।
न्यूजरूम से संपर्क बनाए रखना जरूरी
पत्रकारों को रिपोर्टिंग के दौरान अपने न्यूजरूम या विश्वसनीय संपर्क को अपनी लोकेशन और असाइनमेंट की जानकारी देते रहने की सलाह दी गई है। मीडिया संस्थानों को भी आपात स्थिति में पत्रकारों की मदद के लिए संपर्क व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।
नाबालिगों और पीड़ितों की निजता का रखें ध्यान
खबर प्रकाशित या प्रसारित करते समय घायल लोगों, नाबालिगों और संकट में फंसे आम नागरिकों की पहचान उजागर करने के संभावित परिणामों पर विचार करना जरूरी है। किसी की निजता, सुरक्षा या सम्मान को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के प्रकाशन से बचना चाहिए।
संदेश साफ है: पत्रकारिता में खबर सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन खबर के लिए पत्रकार की सुरक्षा, तथ्यों की सत्यता और मानवीय संवेदनशीलता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें