करैरा में कांग्रेस के नाम पर कार्यक्रम, लेकिन मंच से कांग्रेस गायब?
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मानसिंह फौजी की भूमिका पर उठे सवाल, मंच पर भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी और ओबीसी संगठनों की मौजूदगी चर्चा में
करैरा। करैरा में कांग्रेस के नाम से आयोजित बताए जा रहे एक कार्यक्रम को लेकर अब कांग्रेस संगठन के भीतर ही कई सवाल खड़े होने लगे हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी की भूमिका बताई जा रही है, लेकिन मंच और आयोजन स्थल पर कांग्रेस का झंडा, बैनर अथवा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के नाम और फोटो नजर नहीं आने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का आयोजन शिवपुरी जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष मानसिंह फौजी द्वारा किया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि कार्यक्रम कांग्रेस के नाम या कांग्रेस पदाधिकारी की हैसियत से आयोजित किया गया था तो फिर कांग्रेस संगठन की पहचान मंच से नदारद क्यों रही?
कई दलों और संगठनों के लोग मंच पर मौजूद
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। खास तौर पर भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और ओबीसी संगठनों से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों के बीच चर्चा है कि क्या यह कार्यक्रम कांग्रेस का था, सामाजिक मंच था या विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रयास? यदि यह कांग्रेस का अधिकृत कार्यक्रम था तो कांग्रेस संगठन के स्थानीय जिम्मेदार पदाधिकारियों की मौजूदगी और पार्टी के प्रतीक चिन्ह क्यों नहीं दिखाई दिए—यह सवाल अब उठाया जा रहा है।
आखिर किसके निर्देश पर हुआ आयोजन?
कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहने वाले व्यक्ति द्वारा किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल भी सामने आता है कि क्या इसकी जानकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों को थी?
यदि संगठन की अनुमति थी तो कार्यक्रम में कांग्रेस का नाम, झंडा और बैनर क्यों नहीं लगाया गया? और यदि अनुमति नहीं थी तो फिर एक जिम्मेदार पदाधिकारी ने किसके निर्देश या निर्णय के आधार पर यह आयोजन किया?
प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल
कार्यक्रम में विभिन्न दलों और संगठनों के नेताओं की मौजूदगी के बीच कांग्रेस के संगठनात्मक प्रोटोकॉल को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस के भीतर पहले से ही संगठनात्मक गतिविधियों और पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर चर्चाएं चलती रही हैं। सितंबर 2026 में जिला कांग्रेस द्वारा अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी संगठनात्मक स्तर पर की गई हैं।
ऐसे में करैरा का यह आयोजन पार्टी के भीतर नए सवाल खड़े कर सकता है।
कांग्रेस संगठन से मांगा जा सकता है जवाब
अब निगाहें जिला कांग्रेस नेतृत्व पर हैं कि वह इस कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।
सवाल सीधे हैं—
- क्या कार्यक्रम कांग्रेस का अधिकृत कार्यक्रम था?
- यदि था तो कांग्रेस का झंडा और बैनर क्यों नहीं था?
- जिला कांग्रेस के बड़े पदाधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं?
- क्या कार्यक्रम के लिए संगठन से अनुमति ली गई थी?
- भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और ओबीसी संगठनों के नेताओं को किस उद्देश्य से मंच पर बुलाया गया?
- और सबसे बड़ा सवाल—कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मानसिंह फौजी ने यह कार्यक्रम आखिर किसके निर्देश पर आयोजित किया?
इन सवालों का जवाब कांग्रेस संगठन और कार्यक्रम के आयोजक की ओर से सामने आना बाकी है।

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