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कथित पत्रकार अजय राज पर धारा 69 में मामला दर्ज, मां और पत्नी पर भी मुकदमा

कथित पत्रकार अजय राज पर धारा 69 में मामला दर्ज, मां और पत्नी पर भी मुकदमा

चार साल के संबंध, शादी का भरोसा और शोषण के आरोप; 30 सितंबर की मारपीट के मामले में मां-पत्नी भी नामजद

शिवपुरी। विवाह का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपों से जुड़े मामले में महिला थाना पुलिस ने कथित पत्रकार एवं एसडीएम पब्लिक स्कूल संचालक अजय राज सक्सेना के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वहीं 30 सितंबर को हुई कथित मारपीट के मामले में अजय राज की मां अनीता सक्सेना और पत्नी ज्योति सक्सेना के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

मामला करीब चार वर्ष पुराने परिचय और संबंधों से जुड़ा बताया जा रहा है। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि अजय राज ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे विवाह करने और भविष्य में साथ रखने का भरोसा दिया। महिला का दावा है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।

बरसाना ले जाकर सिंदूर भरने का आरोप

पीड़िता ने पुलिस को दिए कथन में आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले अजय राज उसे वृंदावन-बरसाना लेकर गया, जहां राधारानी मंदिर में उसकी मांग में सिंदूर भरकर इसे विवाह का रूप दिया गया। महिला के अनुसार इसके बाद दोनों कुछ दिनों तक गोवर्धन में साथ रहे।

इन घटनाओं से जुड़े फोटो, यात्रा, होटल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

सितंबर में गुना, इंदौर और भोपाल जाने का दावा

महिला के अनुसार 16 सितंबर को अजय राज ने उसे शिवपुरी में आईटीबीपी गेट के सामने बुलाया और इसके बाद दोनों गुना, इंदौर तथा भोपाल गए। महिला का दावा है कि इस दौरान भी उसने उसे अपने साथ रखने और उसके बच्चों की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी।

इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस होटल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण, भुगतान संबंधी जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

निजी फोटो-वीडियो से धमकाने का आरोप

शिकायत में महिला ने अजय राज पर निजी एवं अंतरंग फोटो-वीडियो अपने पास रखने तथा उनके आधार पर कथित रूप से धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

30 सितंबर को अजय के घर पहुंची महिला, मां-पत्नी पर मारपीट का आरोप

30 सितंबर को महिला अजय राज के घर पहुंची। महिला का आरोप है कि वहां अजय की मां अनीता सक्सेना और पत्नी ज्योति सक्सेना से विवाद हुआ और दोनों ने उसके साथ मारपीट की। मोबाइल फोन तोड़े जाने का आरोप भी लगाया गया है।

इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनीता सक्सेना और ज्योति सक्सेना के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया है।

मेडिकल परीक्षण में देरी का भी मुद्दा

मारपीट के बाद महिला कोतवाली पहुंची और शिकायत दी। महिला ने बाद में पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया कि चोटों के बावजूद उसके चिकित्सकीय परीक्षण में देरी हुई। उसने तत्काल मेडिकल परीक्षण कराकर चोटों को रिकॉर्ड में दर्ज कराने की मांग की।

24 सितंबर के मेडिकल पर्चे से 30 सितंबर की घटना तक जांच का दायरा

महिला के अनुसार 24 सितंबर को अजय राज ने एक चिकित्सकीय पर्चा भेजकर अपनी तबीयत खराब होने की बात कही थी। महिला ने पर्चे की सत्यता पर सवाल उठाते हुए पुलिस से संबंधित चिकित्सक से स्वतंत्र सत्यापन की मांग की।

इसके अगले दिन 25 सितंबर को अजय राज की ओर से महिला के विरुद्ध पुलिस को आवेदन दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में 24 सितंबर के चिकित्सकीय दस्तावेज, 25 सितंबर का पुलिस आवेदन और 30 सितंबर की घटना—तीनों की समयरेखा भी जांच का हिस्सा बन सकती है।

धारा 69 में क्या है प्रावधान?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 ऐसे मामलों से संबंधित है, जिनमें छलपूर्ण साधनों अथवा ऐसा विवाह-वादा जिसे पूरा करने की मंशा न हो, के आधार पर महिला के साथ यौन संबंध स्थापित करने का आरोप हो और मामला बलात्कार की श्रेणी में न आता हो। इसमें दोषसिद्धि होने पर 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

हालांकि अजय राज के मामले में धारा 69 के कानूनी तत्व आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों से सिद्ध होते हैं या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

दो दिन के घटनाक्रम के बाद पुलिस कार्रवाई

30 सितंबर को शिकायत से शुरू हुआ घटनाक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचा। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने अजय राज सक्सेना के विरुद्ध धारा 69 में प्रकरण दर्ज किया। वहीं 30 सितंबर की कथित मारपीट के मामले में उनकी मां अनीता सक्सेना और पत्नी ज्योति सक्सेना को भी आरोपी बनाया गया है।

मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन अब पुलिस विवेचना, दस्तावेजी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों से होना है। आरोपी पक्ष का स्वतंत्र पक्ष सामने आना भी मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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