नगर परिषद मंगरौनी में कथित फर्जी भर्ती का मामला फिर गरमाया, सुनील मिश्रा ने सौंपा आवेदन
तीन पंचायतों को मिलाकर वर्ष 2020 में बनी नगर परिषद मंगरौनी में कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग
मंगरौनी। नगर परिषद मंगरौनी में कर्मचारियों की भर्ती को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए गए हैं। सुनील मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपकर नगर परिषद में हुई कथित अनियमित एवं फर्जी नियुक्तियों की जांच कराने की मांग उठाई है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020 में तीन ग्राम पंचायतों को मिलाकर नगर परिषद मंगरौनी का गठन किया गया था। इसके बाद नगर परिषद में कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर नियमों की अनदेखी किए जाने के सवाल सामने आए। शिकायतकर्ता ने नियुक्तियों की प्रक्रिया, पात्रता, पदों की स्वीकृति और भर्ती से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
सुनील मिश्रा का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है तो उससे संबंधित विज्ञापन, आरक्षण रोस्टर, चयन सूची, नियुक्ति आदेश और पद स्वीकृति के दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए। वहीं यदि प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
दस्तावेजों की जांच से सामने आएगी हकीकत
आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नगर परिषद के गठन के बाद हुई नियुक्तियों का रिकॉर्ड खंगालने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि आखिर किन नियमों के तहत कर्मचारियों की नियुक्तियां की गईं और क्या सभी नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई थीं?
अब देखना होगा कि शिकायत पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच में नगर परिषद मंगरौनी की कथित भर्ती अनियमितताओं के आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है।
नोट: आपके भेजे दस्तावेज में दिखाई दे रहा आदेश मुख्य रूप से ग्राम सिरसौद की शासकीय भूमि संबंधी शिकायत पर है; इसमें मंगरौनी की कर्मचारी भर्ती का स्पष्ट उल्लेख नहीं दिख रहा। इसलिए भर्ती वाली खबर में मैंने आरोपों को सुनील मिश्रा के आवेदन के हवाले से रखा है, ताकि खबर तथ्यात्मक रूप से सुरक्षित रहे।


एक टिप्पणी भेजें